Monday, 10 August 2020

सोने के दाम बढने के कारण gold price increase

एक समय था जब भारत को ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता था लेकिन सच तो यह है कि भारत आज भी सोने की चिड़िया है क्योंकि यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोगकर्ता देश है.

 
भारत के घरों और धार्मिक संस्थानों के पास इतना अधिक सोना रखा है कि किसी भी देश के लिए इर्ष्या का विषय हो सकता है.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, भारत के घरों में 24 हजार टन से लेकर 25 हजार टन के बीच सोना रखा है. इसमें भारत के धार्मिक संस्थानों में रखा गया सोना नहीं जोड़ा गया है. 
तिरुअनंतपुरम में श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के पास पास 22 अरब डॉलर का सोना है. अगर भारत के सभी मंदिरों की बात करें तो इनमें 4000 टन सोना रखा है. भारत के केन्द्रीय बैंक RBI ने वित्त वर्ष 2019-20 में 40.45 तन सोना खरीदा था जिससे अब इसके पास कुल 653 टन सोना रिज़र्व हो चुका है.

 
आइये इस लेख में जानते हैं कि भारत में सोने की कीमत में इतनी वृद्धि क्यों हो रही है?

भारत में कोरोना महामारी के कारण सोने की मांग वित्त वर्ष 2020 की जनवरी से मार्च तिमाही के बीच 36% तक गिरकर केवल 101.9 टन रह गयी है जो कि 2019 में इसी समयवधि में 159 टन थी.

मार्च 2020 में सोने की कीमत 42,200 प्रति दस ग्राम थी जो कि जुलाई 2020 में बढ़कर 52000 प्रति दस ग्राम के पार पहुँच चुकी है.

जुलाई 2020 में चेन्नई में सोने की 24 कैरेट सोने की कीमत 53,490 रूपये प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गयी है. इसके अलावा भी देश के लगभग सभी बड़े शहरों में सोने की कीमत 50 हजार प्रति 10 ग्राम से ऊपर चल रही है.

अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि अब भारत में सोने की कीमत क्यों बढ़ रही है.
 
1.सुरक्षित निवेश का साधन:ऐसा देख जाता है है कि जब सेंसेक्स गिरता है तो सोने की कीमत बढ़ने लगती है.इसका कारण यह है कि लोगों को शेयर बाजार की अनिश्चितता पर भरोसा नही रहता है और वो सुरक्षित निवेश का साधन खोजते हैं.

सोने में निवेश करना सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसके दामों में एकदम बहुत बड़ा परिवर्तन नहीं होता है और यह एक फिक्स रिटर्न देता रहता है.

2.कम ब्याज दर: देश में ज्यादातर जमा योजनाओं जैसे बचत पत्र, बैंकों में बचत खाता,फिक्स्ड डिपाजिट, कर्मचारी भविष्य निधि इत्यादि पर बहुत घट गयी है. इसलिए लोग इन निवेश के साधनों से पैसा निकालकर सोना खरीद रहे हैं जिससे सोने की मांग बढ़ रही है और उसके दाम भी.

3.परम्परागत मांग: भारत में शायद ही ऐसी कोई शादी हो जिसमें सोने की मांग ना होती हो.लोगों के मन में बाजार को लेकर काफी अनिश्चितता है इसलिए लोग रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल का गिफ्ट देने की बजाय शादी में गोल्ड को बेहतर बिकल्प मान रहे हैं.

चूंकि रियल एस्टेट और गाड़ी के लिए काफी रुपयों की जरूरत होती है और लोगों को लम्बे समय तक EMI देनी होती है जो कि ‘नौकरी की अनिश्चितता’ के कारण, अच्छा निर्णय नहीं होगा.
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4.महंगाई का फर्क नही पड़ता है: सोना हमेशा में बढती हुई इन्फ्लेशन के समय सबसे सुरक्षित साधन माना जाता है. अर्थात इस पर इन्फ्लेशन का असर नही पड़ता है. कोविड 19 के कारण कई चीजों के दाम बढ़ गये हैं जिससे लोगों को यह आशंका है कि भविष्य में महंगाई बढ़ सकती है, इसलिए सोने में निवेश करो.

5.सोना, किसी तरह की लायबिलिटी नहीं बढाता है, हाइली लिक्विड होता है, एक रिज़र्व संपत्ति होता है, स्टेटस सिंबल माना जाता है. इन्हीं कारणों से इसकी मांग हमेशा बढती है.

इस प्रकार स्पष्ट है कि सोने की कीमतों में वृद्धि के लिए अनिश्चित बाजार, घटती बाजार ब्याज दर और सुरक्षित निवेश का साधन है. उम्मीद है कि आप सोने के दामों में वृद्धि के जरूरी कारणों को जान गए होंगे.

Wednesday, 5 August 2020

ram mandir ayodhya

राम मंदिर ट्रस्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए हो रहे भूमि पूजन के पहले मंदिर की प्रस्तावित तस्वीरें जारी की हैं. अयोध्या का राम मंदिर बनने के बाद कुछ ऐसा ही दिखेगा. इसके लिए अयोध्या में रामजन्मभूमि स्थल पर मंदिर निर्माण से पहले यहां भूमि पूजन का बड़ा कार्यक्रम हो चुका है, जहां मंदिर का शिलान्यास होना है.

 
राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, अयोध्या के हर कोने से यह मंदिर दिखेगा. साल 1989 में राम मंदिर का मॉडल बनाया गया था. जिसमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बदलाव किया है. यह मंदिर साढ़े तीन साल में बनकर तैयार होगा. राम मंदिर का नक्शा तैयार करने वाले चीफ आर्किटेक्ट सोमपुरा के बेटे निखिल सोमपुरा ने बताया कि मंदिर के पास 70 एकड़ जमीन होगी. 65 एकड़ की जमीन पर मंदिर परिसर का विस्तार किया जाएगा.



रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर में एक दिन में एक लाख राम भक्त पहुंच सकेंगे. इसी को ध्यान में रखकर मंदिर के मॉडल में बदलाव किया गया है. पहले मंदिर में दो गुबंद बनने थे. मूल मॉडल में बिना परिवर्तन किए इन्हें पांच कर दिया है.



गर्भगृह से 200 फीट नीचे की मिट्टी का परीक्षण किया गया था. जिस जगह मिट्टी मंदिर का भार (वजन) सहने में कमजोर मिलेगी, उसके आगे तक मंदिर के आधार का प्लेटफार्म बढ़ाया जाएगा. मंदिर में सिंहद्वार, रंग मंडप, नृत्य मंडल, पूजा कक्ष और गर्भगृह के ऊपर पांचों गुंबद बनेंगे. शिलापूजन के बाद मशीनें लगाकर नींव खुदाई का काम शुरू हो जाएगा.



मंदिर के फर्श में संगमरमर लगाया जाएगा. यह मंदिर लगभग 318 पिलर पर खड़ा होगा. पूरे मंदिर के निर्माण में करीब 1.75 लाख घन फीट पत्थर की जरूरत बताई गई थी. मंदिर के नींव के प्लेटफार्म को तैयार करने में तीन-चार महीने लग सकते हैं.



यह नागर शैली में बना अष्टकोणीय मंदिर होगा. इसमें भगवान राम की मूर्ति और राम दरबार होगा. मुख्य मंदिर के आगे-पीछे सीता माता, लक्ष्मण, भरत और भगवान गणेश के मंदिर होंगे. मंदिर निर्माण के लिए राम जन्मभूमि न्यास और विश्व हिन्दू परिषद की तरफ से पत्थरों को मंगाने और तराशने का काम सितंबर 1990 में शुरू किया गया था.

Saturday, 20 June 2020

Surya Grahan

Surya Grahan 2020: साल 2020 का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को लगेगा. इस बार सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) कोरोना काल (Covid-19) में पड़ रहा है. इस बार 21 जून को लगने जा रहा सूर्यग्रहण का नजारा काफी साल बाद दिखेगा. इस ग्रहण के दौरान वलयाकार (एन्यूलर)  स्थिति की अवधि 30 सेकेंड तक ही रहने के कारण सौर वैज्ञानिक इसे दुर्लभ सूर्यग्रहण मान रहे हैं. तब सूर्य एक छल्ले की तरह नजर आएगा.
 

इस साल चंद्र ग्रहण के बाद सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. साल का पहला ग्रहण 5 जून को लगा था. विशेष बात ये है कि 5 जून से लेकर 5 जूलाई 2020 तक तीन ग्रहण लग रहे हैं. 21 जून 2020 को सूर्य ग्रहण लग रहा है. इसके बाद 5 जुलाई को पुन: चंद्र ग्रहण लग रहा है.

वलयाकार होगा ग्रहण
साल 2020 का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को लगने जा रहा है. खास बात ये हैं कि ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा जिसमें चंद्रमा सूर्य का करीब 98.8 प्रतिशत भाग ढक देगा.

 

साल का सबसे बड़ा दिन
ये साल का सबसे बड़ा दिन भी होगा. सदी का दूसरा ऐसा सूर्य ग्रहण है, जो 21 जून को हो रहा है. इससे पहले 2001 में 21 जून को सूर्य ग्रहण हुआ था.

सूर्य ग्रहण का समय
भारतीय मानक समयानुसार, सूर्य ग्रहण 21 जून 2020 को सुबह 09 बजकर 15 मिनट पर लगेगा और शाम 3 बजकर 4 मिनट तक रहेगा. पूर्ण ग्रहण को दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर देखा जा सकेगा.

सूर्य ग्रहण यहां से देखा जा सकेगा
21 जून को पड़ने वाले इस वार्षिक सूर्य ग्रहण को अफ्रीका के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा. अफ्रीका में ये सेंट्रल रिपब्लिक, कांगो और इथोपिया में देखा जा सकेगा. इसके अतिरिक्त यह सूर्य ग्रहण पाकिस्तान के दक्षिण भाग में, उत्तरी भारत और चीन में देखा जा सकेगा.

 

सूर्य ग्रहण के दौरान इन बातों का ध्‍यान रखें
जब भी सूर्य ग्रहण लगे तो इसे सीधे यानी कि नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए. ऐसा करने से सूर्य से निकलने वाले हानिकारक किरणें आपकी आंखों को काफी नुकसान पहुंचा सकती हैं. यदि कोई भी व्यक्ति सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) देखना चाहता हैं तो सोलर फिल्टर वाले चश्मों का इस्तेमाल करना चाहिए. इनसे सूर्य की हानिकारक किरणें आंखों को नुकसान नहीं पहुंचा पाती हैं.

सूर्य ग्रहण कब होता है?
सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है. इस समयावधि में, चंद्रमा सूर्य की रोशनी को पृथ्वी पर आने से रोकता है और चंद्रमा की पृथ्वी पर जो छाया पड़ती है उसे ही ‘सूर्य ग्रहण’ कहा जाता है.

सूर्य ग्रहण के प्रकार
सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं. ये पूर्ण सूर्य ग्रहण, आंशिक सूर्य ग्रहण, वलयाकार सूर्य ग्रहण है. इस बार पूर्ण सूर्य ग्रहण लग रहा है.

पूर्ण सूर्य ग्रहण उस समय होता है, जब चंद्रमा पृथ्वी के काफ़ी पास रहते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है और चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी को अपनी छाया क्षेत्र में ले लेता है. इससे सूर्य की रोशनी पृथ्वी पर नहीं पहुंच पाती है.

आंशिक सूर्यग्रहण में चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में इस तरह आता है कि सूर्य का कुछ ही भाग पृथ्वी से दिखाई नहीं देता है. इसका मतलब है कि चंद्रमा सूर्य के कुछ भाग को ही अपनी छाया में ले पाता है और इसे आंशिक चंद्र ग्रहण कहते हैं.

Sunday, 14 June 2020

sushant sing rajpoot suside

A very shocking news has come out from Bollywood.  Famous actor Sushant Singh Rajput has given his life by hanging himself in his house in Mumbai.  So far nothing has been known about his decision.  Sushant was a very popular actor of Bollywood.  He started his career as a TV actor.  He first worked in a serial called 'Kis Desh Mein Hai Mera Dil' but he got recognition from Ekta Kapoor's serial Pritha Rishta, after which he started the journey of films.  He was seen as a lead actor in the film Kay Po Chhe, and his performance was also praised.

 After this, he was seen in a pure desi romance with Vaani Kapoor and Parineeti Chopra.  However, he was most discussed by playing the role of MS Dhoni, former captain of the Indian team.  This was the first film in Sushant's career that collected a hundred crores.  Sushant had also appeared in films like Sonchiriya and Chichhore.  His last film was Kedarnath in which he appeared alongside Sara Ali Khan.

 Sushant was counted among the very best actors and his fans would have never thought that Bo would commit,
 It is true that today the world has no faith that when it will happen, but Sushant had won the hearts of everyone with his artistry, this film of Sushant, who played a role in a film like Mahendra Singh Dhoni's autobiography, was the biggest in the sports world.  Gave the film and it earned a lot of money as well,
  
 Life introduction
 Name - Sushant Singh Rajput
 Birth - 21 January 1986 Patna
 Death - 14 June 2020 Mumbai

 Award
 2010- Indian television academy awards (Pravitra rista)
 - Big star entertainment awards (Pravitra rista)
 - Boroplus gold award (Pravitra rista)
 2011- kalakar award (Pravitra rista)
 2014- producers guild (kai po che) awards
 2017-screen awards
 - zee cine awards
 - indian film festival of melbourne award
 2017 all awards win is M.S.  Dhoni: the untold story

Sunday, 7 June 2020

Emergency In Siberia!

Russian President Vladimir Putin has recently declared an emergency in Siberia.  He has taken this decision after flowing about 20 thousand tons of diesel from a power plant storage center.  The corona virus crisis is widespread in the world at this time, but with this, many kinds of difficulties are coming up.

 The incident occurred at a power plant located on the outskirts of the city of Norilsk, 2,900 kilometers from Moscow.  Blockers have been put in place to prevent the fuel from entering the Ambernaya River.  A lake emerges from the river, which later joins a river.  This river goes towards the environmentally sensitive Arctic Ocean.

 Loss of fish and other resources

 Russia's President Putin ordered the authorities to stop the damage from this drift to a minimum scale.  According to Alexei Nijinnikov, director of the World Wildlife Fund-Russia, fish and other resources will be damaged.  This would cause a minimum loss of $ 13-14 million.
No cause of accident is found yet

 This oil plant is operated by a division of Norilsk Nickel, whose factories in the region have made Norilsk one of the most heavily polluted places on earth.  However, no cause of the accident has been reported so far.

 Company owner responsible

 The President of Russia blamed the owner of that company for negligence in the large-scale fuel oil spill in the Arctic region and he is ensuring that whatever costs will be incurred in trying to stop this leak from going into rivers and seas.  Will be charged

 Not the first time

 This is not the first time that an emergency declaration has been made about oil in Russia.  In an accident in 2016, another plant had leaked oil in a nearby river, causing the river to turn red.  The company was fined less than $ 1,000 for the incident.

World Environment Day


World Environment Day is observed on 5 June every year.  On each World Environment Day, a separate organizer country is selected where the official ceremony is organized.  On this day, people all over the world are made aware to save nature and natural resources.

 

 

 World Environment Day was started due to the increasing pollution in the world and increasing global warming concerns.  There is also a concern for nature and a sense of protection against it.  The first World Environment Day was celebrated on 05 June 1974.

 

Theme and Purpose of World 

 Environment Day--

 

 Every year, on the occasion of World Environment Day, a topic is selected, according to which programs are organized in all countries.  The theme of World Environment Day 2020 is 'Biodiversity'.  Through this theme, the message is being given this time that biodiversity conservation and natural balance are very important for the survival of human life.  In order to maintain biodiversity, it is important for us to maintain the environment of our earth.

 

 The main purpose of this day is to make people aware of the safety of the environment and work for the environment. 


History of world environment day-

 In 1972, the United Nations General Assembly on the subject of human environment was organized by the United Nations.  During this discussion, World Environment Day was also suggested and two years later, it was started celebrating from 05 June 1974.  In 1987, suggestions for changing its center came out and since then different countries are chosen for its organization.  More than 143 countries take part in it every year and many government, social and business people talk about the protection of the environment, problems etc


Saturday, 30 May 2020

Virus Protection CVirus Protection Clothing- Essential for the Battle against COVID-19 CORONA

In a growing pandemic such as the COVID-19, the significant use of virus protection clothing can never be stressed enough. Protective clothing is particularly important for healthcare workers who put their lives at risk while in close proximity to infected patients.

Millions around the world are scrambling to comprehend and tackle the new coronavirus, which emerged in China during early December 2019. The virus, which has been declared as a global pandemic by the World Health Organization, has attacked every country on the planet and caused the death of millions across the world. While most of the countries are under complete lockdown to prevent the spread of the disease, this deadly virus has wreaked havoc on several countries such as China, Italy, Spain, and the United States.

The novel coronavirus, which is deadlier than the seasonal flu, is highly transmissible and has devastating effects. As the virus spreads quickly from one person to another in a contained environment, there are several methods to slow down the spread of the disease. Social distancing, frequent hand washing, wearing facemasks, and virus protection clothing can limit the spread of the disease to an extent.

Why Virus Protection Clothing is Essential for Healthcare Workers?

One of the most depressing facts about the novel coronavirus is that a person can spread the disease even before the symptoms appear. This explains why it is extremely difficult to contain the virus at an early stage as asymptomatic people keep spreading the disease even without being aware of it.

As healthcare workers are the first line of defense, it is important for them to wear virus protection clothing as it acts as a barrier against the disease and prevents the person from being infected. The use of Personal Protection Equipment (PPE) is essential to fight the battle of COVID-19. Equipments such as facemasks, disposable gowns, disposable gloves, and eye protection are essential for healthcare workers as they interact with infected people round the clock.



The use and significance of protective clothing can seldom be stressed enough due to the innate ability of the virus to spread quickly from person to person and from inanimate objects. When an infected person coughs or sneezes, the virus becomes airborne and it remains suspended in the air for about 20 minutes or more, posing a dangerous threat to people in the vicinity. This is exactly the reason why the CDC recommends the use of protective clothing by healthcare workers, which include doctors and nurses, as they are at the risk of contracting the virus quickly. The proper use of protective clothing and equipments will help to deter the spread of novel coronavirus
Description: Free Articles, which has quickly traversed from country to country within a period of three months.

It is pertinent for people in the healthcare sector to use virus protection clothing and other equipment to protect them from being infected by the deadly disease. More thousands of healthcare workers across the world have fallen ill due to coronavirus pandemic and many are forced into quarantine due to the lack or shortage of proper PPE.


Sunday, 12 April 2020

Corona Virus


People may be sick with the virus for 1 to 14 days before developing symptoms. The most common symptoms of coronavirus disease (COVID-19) are fever, tiredness, and dry cough. Most people (about 80%) recover from the disease without needing special treatment.
More rarely, the disease can be serious and even fatal. Older people, and people with other medical conditions (such as asthma, diabetes, or heart disease), may be more vulnerable to becoming severely ill.

virus


People may experience:
·       cough
·       fever
·       tiredness
·       difficulty breathing (severe cases)

  prevent 
·       STAYhome
·       KEEPa safe distance
·       COVERyour cough
·       SICK?Call the helpline
·       
protection


·      Do
·       Wash your hands regularly for 20 seconds, with soap and water or alcohol-based hand rub
·       Cover your nose and mouth with a disposable tissue or flexed elbow when you cough or sneeze
·       Avoid close contact (1 meter or 3 feet) with people who are unwell
·       Stay home and self-isolate from others in the household if you feel unwell
·      Don't
·       Touch your eyes, nose, or mouth if your hands are not clean

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Tuesday, 7 January 2020

Earn Money From Home,Work From Home


earn money from home packing envelopes is already become popular.  Approximately 15 million Indians work from partially or exclusively in their own office from home. An online surv...
In India, earn money from home packing envelopes is already become popular.  Approximately 15 million Indians work from partially or exclusively in their own office from home. An online survey conducted by the career portal Monster suggests the same.  Many recognized the countless opportunities and benefits of earn money from home packing envelopes and give to their original job for a telecommuting or switch to one of independence.
Photo by Thought Catalog on Unsplash

When asked “Would you like to work from home?” 82 percent of participants answered "yes".  Only one in six would be strictly separated from employment and home ownership. 

     More than a third of respondents would like to relocate the work to home when it presents itself.  Another third is even expressed a desire to establish a permanent home office.

Interest in working from home is particularly high among families with younger children or severely disabled.  The advantages are clear. The jobs are often associated with the central operating facility by means of electronic communication. 
Working from home offers many advantages.

The benefits for employees are mainly the ability to reconcile work, family and leisure as well as the increased responsibility and independence.  There is greater flexibility in time management and work organization.

 It also promotes independent work and creativity enhanced performance through a more peaceful work atmosphere.  Moreover, is irritating that the travel times to account for job and also a possible dress code.

Various possibilities in earn money from home packing envelopes:
•    Data capture, text capture, text processing
•    Phone Support (Telemarketing)
•    Production of statistics
•    Research
•    Translation activities
•    Website Creation and Optimization
•    Network Marketing and Multi-Level Marketing

 Prerequisites for working from home:
 As a telecommuter, you must have adequate spatial relationships and have the opportunity to work undisturbed.  You may need to provide all the necessary technical equipment not only themselves, but it also can handle very well.

The advantages of working from home are in effect the same advantages as the self itself.  But workers can also benefit.  In addition to social prestige and higher salary and good success, you have cool benefits:
•    You are the boss
•    You can decide when you get up and go to bed.
•    Your work hours are flexible.
•    More peace
•    More efficiency
•    No colleagues
•    Ways to work
•    Higher motivation
•    Perception of appointments
•    No suits
Description: Free Reprint Articles, ties
•    Less stress
•    Nice work
•    Tax savings
•    More control


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सोने के दाम बढने के कारण gold price increase

एक समय था जब भारत को ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता था लेकिन सच तो यह है कि भारत आज भी सोने की चिड़िया है क्योंकि यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने...